समस्तीपुर एनकाउंटर: ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ पर उठे गंभीर सवाल; मां का आरोप- पुलिस ने घर से उठाया, 38 हजार छीने और फिर मार दी गोली
समस्तीपुर (बिहार): जिले में पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ (एनकाउंटर) के मामले में एक बड़ा और सनसनीखेज मोड़ आ गया है। उजियारपुर थाना क्षेत्र के देसुआ गांव में बुधवार, 20 मई की अहले सुबह करीब 3 बजे हुए जिस एनकाउंटर को पुलिस अपनी बड़ी सफलता बता रही है, उसे घायल अपराधी प्रिंस कुमार की मां ने ‘फर्जी’ करार दिया है।

मां ने पुलिस पर बेटे को घर से उठाने, दुर्व्यवहार करने और बिना जब्ती सूची के 38 हजार रुपये छीनने जैसे बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले की शिकायत सीधे बिहार के डीजीपी (DGP) और एसपी समेत अन्य वरीय अधिकारियों से की गई है।
पुलिस की कहानी: कैसे हुआ ‘ऑपरेशन लंगड़ा’?
पुलिस के अनुसार, प्रिंस कुमार एक कुख्यात अपराधी है जिस पर उजियारपुर, सरायरंजन समेत कई थानों में लूट और छिनतई के दर्जनों मामले दर्ज हैं। उसका आपराधिक इतिहास 2022 में बाइक चोरी से शुरू हुआ था। पुलिस का दावा है कि देसुआ गांव स्थित एक गाछी (बगीचे) में हथियार बरामदगी के लिए एसटीएफ (STF), डीआईयू (DIU) और स्थानीय पुलिस गई थी।
खुद को घिरता देख अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई (ऑपरेशन लंगड़ा) में प्रिंस के पैर में गोली लगी और उसे गिरफ्तार कर समस्तीपुर सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने उसके पास से लूट की बाइक, नकदी और हथियार भी बरामद करने का दावा किया है।
मां की जुबानी: ‘फर्जी एनकाउंटर’ की कहानी
प्रिंस कुमार की मां सुशीला देवी (निवासी- भगवानपुर चकशेखू, दलसिंहसराय) ने डीजीपी और एसपी को दिए गए आवेदन में पुलिस की थ्योरी को सिरे से खारिज कर दिया है। सुशीला देवी के अनुसार:
- सड़क हादसे में घायल था बेटा: प्रिंस 18 मई (सोमवार) की सुबह विद्यापतिधाम पर जल चढ़ाने गया था। लौटने के दौरान वह सड़क हादसे में घायल हो गया था, जिसका इलाज विद्यापतिनगर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में कराया गया और वह घर पर ही आराम कर रहा था।
- रात 2 बजे घर से उठाया: 18 मई की रात करीब 2 बजे दलसिंहसराय पुलिस और स्थानीय डीएसपी उनके घर पहुंचे और प्रिंस को जबरन उठाकर ले गए। जब कारण पूछा गया तो पुलिस ने गाली-गलौज की।
- पैसे और मोबाइल छीने: परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने प्रिंस के पिता पिंकू कुमार का मोबाइल छीन लिया। साथ ही, प्रिंस की जेब में रखे 38 हजार रुपये भी बिना किसी ‘जब्ती सूची’ के निकाल लिए और अपने साथ ले गए।
- थाने से भगाया: अगले दिन जब माता-पिता जानकारी लेने दलसिंहसराय थाने पहुंचे, तो उन्हें डांट-फटकार कर भगा दिया गया। बाद में 20 मई को उन्हें पता चला कि देसुआ गांव में पुलिस ने उनके बेटे को फर्जी मुठभेड़ में गोली मार दी है।
अपनी ‘शोहरत’ के लिए पुलिस पर गढ़ी गई कहानी का आरोप
घायल प्रिंस की मां का सीधा आरोप है कि पुलिस ने अपनी शोहरत और वाहवाही लूटने के लिए उनके घायल बेटे को उठाया और दो दिन बाद फर्जी एनकाउंटर दिखाकर उसे गोली मार दी। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
क्या है मौजूदा स्थिति?
फिलहाल, एक तरफ समस्तीपुर पुलिस फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। वहीं दूसरी ओर, प्रिंस की मां द्वारा डीजीपी को पत्र लिखे जाने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप है। हालांकि, इन गंभीर आरोपों पर अब तक पुलिस के किसी भी आला अधिकारी का कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस घटना ने समस्तीपुर पुलिस की कार्यशैली और तथाकथित ‘ऑपरेशन लंगड़ा’ पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।



