मदरसा बोर्ड अध्यक्ष सलीम परवेज के ‘दाढ़ी-टोपी’ वाले बयान पर बवाल, राजद ने की इस्तीफे की मांग
पटना/बिहार: बिहार राज्य मदरसा शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन सलीम परवेज के एक विवादित बयान को लेकर राज्य में नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। एक मदरसे के औचक निरीक्षण के दौरान बुजुर्ग मुस्लिम शिक्षक की ‘दाढ़ी और टोपी’ पर की गई उनकी टिप्पणी की राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने कड़ी निंदा की है।

राजद के जिला महासचिव मो. परवेज आलम ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर मदरसा बोर्ड के चेयरमैन के इस बयान को बेहद शर्मनाक और एक संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति की ओछी मानसिकता का परिचायक बताया है। जानकारी के अनुसार, सलीम परवेज ने निरीक्षण के दौरान वहां मौजूद एक बुजुर्ग मुस्लिम शिक्षक को कथित तौर पर कहा था कि वह दाढ़ी छिला कर आए और टोपी उतार दे। उनके इसी अमर्यादित बयान पर राजद ने अब मोर्चा खोल दिया है।
राजद नेता ने अपना कड़ा रुख अख्तियार करते हुए स्पष्ट किया कि अगर किसी शिक्षक की लापरवाही पर कार्रवाई की जाती है, तो उसका पूरा स्वागत है, लेकिन दाढ़ी और टोपी जो दीन और ईमान का अभिन्न हिस्सा है, उस पर टिप्पणी करने का अधिकार उन्हें किसी कानून ने नहीं दिया है। उन्होंने जेडीयू पर भी कड़ा प्रहार करते हुए सवाल किया कि क्या पार्टी ने सलीम परवेज को मदरसा बोर्ड का चेयरमैन सिर्फ इसलिए बनाया है कि वे मुस्लिम शिक्षकों को अपमानित करें और उनकी दाढ़ी नोचने का काम करें।
इस गंभीर मामले को लेकर राजद ने सरकार से सख्त कदम उठाने की अपील करते हुए मांग की है कि मदरसा बोर्ड के चेयरमैन सलीम परवेज अविलंब सार्वजनिक रूप से माफी मांगें। इसके साथ ही पार्टी ने यह भी मांग रखी है कि बिहार सरकार और सम्राट चौधरी इस पूरे मामले का तत्काल संज्ञान लें और ऐसे व्यक्ति को मदरसा बोर्ड जैसे अहम व गरिमामयी पद से तुरंत हटाया जाए। मो. परवेज आलम ने चेतावनी देते हुए कहा है कि दाढ़ी और टोपी पर किसी भी प्रकार का हमला कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।




