CJI के बयान के विरोध में बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ का X अकाउंट सस्पेंड, इंस्टाग्राम पर फॉलोअर्स के मामले में BJP को पछाड़ा
सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत के कथित ‘कॉकरोच’ वाले बयान के विरोध में युवाओं द्वारा बनाई गई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है। हालांकि, गुरुवार को पार्टी के एक्स (X) अकाउंट पर रोक (सस्पेंड) लगा दी गई है, लेकिन इंस्टाग्राम पर इसे युवाओं का भारी समर्थन मिल रहा है।

पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने अपने सोशल मीडिया के जरिए एक्स अकाउंट पर लगी रोक की जानकारी दी। बैन होने से पहले X पर पार्टी के करीब 201.5k फॉलोअर्स हो चुके थे।

सोशल मीडिया पर CJP का दबदबा
CJP मुख्य रूप से सिर्फ X और इंस्टाग्राम पर ही सक्रिय है। एक्स पर कार्रवाई के बावजूद इंस्टाग्राम पर पार्टी का जलवा कायम है:
- इंस्टाग्राम पर रिकॉर्ड: महज 6 दिनों के भीतर CJP के इंस्टाग्राम अकाउंट पर 1 करोड़ 36 लाख फॉलोअर्स हो गए हैं।
- राजनीतिक दलों से तुलना: फॉलोअर्स के मामले में CJP ने भाजपा (87 लाख) को काफी पीछे छोड़ दिया है और कांग्रेस (1.33 करोड़) के करीब पहुँच गई है।
कैसे और क्यों बनी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’?
विवाद की शुरुआत: 15 मई को कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया था कि CJI सूर्यकांत ने एक सुनवाई के दौरान बेरोजगार युवाओं की तुलना ‘कॉकरोच’ और ‘परजीवियों’ से की है। आइडिया कैसे आया: पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके (जो अमेरिका की बॉस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशन में मास्टर्स कर रहे हैं और 2020-2023 तक AAP की सोशल मीडिया टीम में रह चुके हैं) ने इस बयान पर X पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने युवाओं से पूछा कि “अगर सब कॉकरोच एक साथ आ जाएं तो क्या होगा?” Gen Z और युवाओं के शानदार जवाबों के बाद इस पार्टी की नींव रखी गई।
CJI की सफाई: 16 मई को CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि उनकी यह टिप्पणी बेरोजगार युवाओं के लिए नहीं, बल्कि उन लोगों के लिए थी जो फर्जी और नकली डिग्रियों के सहारे वकालत, मीडिया और अन्य सम्मानित पेशों में घुस आए हैं।
पार्टी की थीम, नारा और सदस्यता
अभिजीत ने पार्टी का लोगो जारी करते हुए बताया कि उन्होंने जैसी उम्मीद की थी, वैसा ही समर्थन मिल रहा है।
- नारा (Slogan): ‘सेक्युलर, सोशलिस्ट, डेमोक्रेटिक, लेजी’ (Secular, Socialist, Democratic, Lazy)
सदस्यता के लिए 4 अनिवार्य योग्यताएं:
- बेरोजगारी: व्यक्ति का बेरोजगार होना जरूरी है।
- आलस: आलसी होना (डले रहो, पड़े रहो की मानसिकता)।
- इंटरनेट की लत: हर समय ऑनलाइन रहने की आदत।
- भड़ास: प्रोफेशनली अपनी भड़ास निकालने की क्षमता।
CJP का मेनिफेस्टो: 5 बड़े वादे
पार्टी ने अपना एक व्यंग्यात्मक लेकिन कड़ा घोषणापत्र (Manifesto) भी जारी किया है। अगर CJP सत्ता में आती है, तो उनके वादे हैं:
- न्यायपालिका: रिटायरमेंट के बाद किसी भी CJI को ईनाम के तौर पर राज्यसभा नहीं भेजा जाएगा।
- चुनाव आयोग: अगर कोई वैध (Valid) वोट डिलीट किया जाता है, तो मुख्य चुनाव आयुक्त को UAPA (आतंकवाद निरोधी कानून) के तहत गिरफ्तार किया जाएगा, क्योंकि वोटिंग का अधिकार छीनना आतंकवाद है।
- महिला आरक्षण: संसद में महिलाओं के लिए 50% आरक्षण होगा (33% नहीं), और इसके लिए सांसदों की संख्या नहीं बढ़ाई जाएगी। कैबिनेट में भी 50% महिलाएं होंगी।
- मीडिया सुधार: अंबानी और अडाणी समूह के मीडिया संस्थानों के लाइसेंस रद्द किए जाएंगे ताकि स्वतंत्र मीडिया पनप सके। इसके अलावा ‘गोदी मीडिया’ एंकरों के बैंक खातों की जांच होगी।
- दलबदल कानून: दलबदल करने वाले सांसदों/विधायकों के चुनाव लड़ने पर आजीवन या सख्त पाबंदी लगेगी और उन्हें अगले 20 साल तक किसी भी पब्लिक ऑफिस में पद नहीं मिलेगा।
युवाओं को क्यों पसंद आ रही है CJP?
यह पार्टी देश में बढ़ती बेरोजगारी, पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में हो रही देरी और सीमित सरकारी नौकरियों को लेकर युवाओं के गुस्से का प्रतीक बन गई है। छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवा इस मंच के जरिए अपना विरोध जता रहे हैं।
अनोखा विरोध प्रदर्शन: हाल ही में दिल्ली में CJP के कुछ समर्थक कॉकरोच की पोशाक पहनकर यमुना किनारे सफाई करते नजर आए। समर्थकों का स्पष्ट कहना है कि उनका मकसद फिलहाल चुनाव लड़ना नहीं, बल्कि युवाओं के बीच राजनीतिक और सामाजिक जागरूकता फैलाना है।



