समस्तीपुर में पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे के अलाइनमेंट पर बवाल: मुसरीघरारी में डेढ़ घंटे तक सड़क जाम, पुलिस से झड़प के बाद प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
समस्तीपुर/मुसरीघरारी: पटना-पूर्णिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के प्रस्तावित अलाइनमेंट (रूट) को लेकर समस्तीपुर जिले के मुसरीघरारी में गुरुवार को भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। ‘पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस रूट सुधार जन संघर्ष समिति, सरायरंजन’ के बैनर तले सैकड़ों ग्रामीणों ने मुसरीघरारी चौराहे को जाम कर दिया।

इस दौरान सड़क खाली कराने को लेकर पुलिस-प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक व धक्का-मुक्की भी हुई, जिससे कुछ देर के लिए मौके पर अफरातफरी का माहौल बन गया। करीब डेढ़ घंटे तक चले इस हंगामे और जाम के बाद, जिलाधिकारी के प्रतिनिधि द्वारा ज्ञापन सौंपे जाने और उचित कार्रवाई के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिस से नोकझोंक
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उनका आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था, लेकिन पुलिस ने बल प्रयोग करते हुए सड़क खाली कराने का प्रयास किया। ग्रामीणों के अनुसार, इस दौरान बुजुर्गों और दिव्यांगों को भी धक्का देकर हटाया गया, जिससे लोगों का आक्रोश भड़क उठा और प्रशासन के साथ उनकी झड़प हो गई। आंदोलनकारियों का कहना था कि यदि प्रशासन सीधे बल प्रयोग करने के बजाय उनसे बातचीत करता, तो विवाद की स्थिति पैदा ही नहीं होती।
‘हम विकास के विरोधी नहीं, बस घर और कॉलेज बचाना है’
प्रदर्शन की अध्यक्षता नरेश झा ने की। प्रदर्शनकारियों की मुख्य चिंता यह है कि मौजूदा अलाइनमेंट से सरायरंजन क्षेत्र के सैकड़ों मकानों और दुकानों के साथ-साथ 50 वर्ष पुराने ऐतिहासिक ‘केएसआर सरायरंजन कॉलेज’ का एक बड़ा हिस्सा ध्वस्त हो जाएगा। इससे हजारों परिवार बेघर हो जाएंगे और छात्रों का भविष्य प्रभावित होगा।
मौके पर मौजूद सरायरंजन विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी व भाजपा नेता रंजीत निर्गुणी ने कहा कि ग्रामीण एक्सप्रेस-वे के निर्माण के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि वे एक ऐसे वैकल्पिक रूट की मांग कर रहे हैं जिससे आम लोगों और सार्वजनिक संस्थानों को कम से कम नुकसान हो।
आंदोलन में ये प्रमुख लोग मौजूद रहे:
नरेश झा (अध्यक्षता), रंजीत निर्गुणी, अमरेश झा, बलवंत सिंह राठौड़, संजीव इंकलाबी, कैफी आजमी और नैयर सहित करीब दो दर्जन सामाजिक कार्यकर्ता।
भारी पुलिस बल तैनात, वैकल्पिक मार्गों से गुजरे वाहन
सड़क जाम और हंगामे की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया। सरायरंजन के अंचलाधिकारी (CO) निशांत कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी राकेश कुमार रंजन, मुसरीघरारी थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह और सरायरंजन थानाध्यक्ष धनंजय कुमार सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करते हुए यात्रियों की सुविधा के लिए वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकलवाया।
डीएम के प्रतिनिधि को सौंपा ज्ञापन, खुला जाम
प्रदर्शनकारी सीधे जिलाधिकारी (DM) को बुलाने की मांग पर अड़े थे। हालांकि, जिलाधिकारी के क्षेत्र से बाहर होने के कारण उनके एक प्रतिनिधि ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों से बातचीत की और उनका ज्ञापन स्वीकार किया। प्रतिनिधि ने आश्वासन दिया कि उनकी आपत्तियों और मांगों का आवेदन वरीय अधिकारियों तथा संबंधित विभाग को भेजकर उचित कार्रवाई की जाएगी। इस ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने लगभग डेढ़ घंटे बाद अपना धरना समाप्त कर दिया और यातायात सुचारू हो सका।
अलाइनमेंट का पुराना विवाद और 21 हजार करोड़ का प्रोजेक्ट
पटना-पूर्णिया एक्सप्रेस-वे के रूट को लेकर विवाद नया नहीं है। पिछले कुछ समय से समस्तीपुर में किलोमीटर 48+000 से 53+000 के बीच अलाइनमेंट में बदलाव के आरोप लग रहे थे, हालांकि NHAI और पथ निर्माण विभाग पहले ही इन आरोपों को खारिज कर चुके हैं। इसके बावजूद जमीनी स्तर पर विस्थापन का डर बना हुआ है।
पहले 250 किमी प्रस्तावित थी, जो अलाइनमेंट में बदलाव के बाद अब लगभग 282 किमी (सिक्स-लेन) है। इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे की अनुमानित लागत 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक है। वैशाली से शुरू होकर समस्तीपुर, दरभंगा, सहरसा, मधेपुरा होते हुए पूर्णिया तक जाने वाली यह सड़क तीन चरणों में बनेगी। इसके बनने से कोसी और सीमांचल क्षेत्र की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और पटना से पूर्णिया की दूरी काफी कम हो जाएगी।



