5 दिनों से ट्रांसफार्मर जला, बच्चों की पढ़ाई ठप, अंधेरे और जल संकट से त्रस्त ग्रामीणों का रात में हंगामा, बिजली विभाग पर घूसखोरी का आरोप
उजियारपुर प्रखंड के लखनीपुर महेश पट्टी पंचायत वार्ड संख्या 4 (मोरी डीह) में पिछले पांच दिनों से ट्रांसफार्मर जलने के कारण पूरा इलाका घुप अंधेरे में डूबा हुआ है। बिजली नहीं होने के कारण गांव में ‘नल-जल योजना’ पूरी तरह से ठप पड़ गई है, जिससे ग्रामीणों के सामने पीने के पानी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

हालात इतने बदतर हैं कि लोग पीने के पानी के लिए भाड़े पर प्राइवेट जनरेटर मंगाकर काम चलाने को मजबूर हैं। पानी के बिना आम जनता के साथ-साथ किसानों और पशुपालकों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
बच्चों का पढ़ना-लिखना हुआ मुश्किल, जीव-जंतुओं का खौफ
बिजली गुल होने का सबसे ज्यादा खामियाजा गांव के बच्चों को भुगतना पड़ रहा है। इस टोले में 10 से ज्यादा छात्र मैट्रिक (बोर्ड) की तैयारी करने वाले हैं, इसके अलावा ढेरों छोटे बच्चे हैं। रात के अंधेरे और भीषण गर्मी के कारण बच्चों का पढ़ना-लिखना बिल्कुल मुश्किल हो गया है। गर्मी के मारे रात में कोई सो नहीं पा रहा है।
वहीं, चारों तरफ फैले अंधेरे के कारण गांव में जहरीले जीव-जंतुओं का खतरा भी बढ़ गया है। ग्रामीणों के अनुसार, अब तक अंधेरे का फायदा उठाकर सांप ने दो लोगों को और बिच्छू ने एक व्यक्ति को काट लिया है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
अधिकारियों के गैरजिम्मेदाराना जवाब ने भड़काया आक्रोश
इस भयानक संकट के बावजूद प्रशासन कुंभकर्णी नींद सो रहा है। ग्रामीणों ने अनुमंडलाधिकारी (SDO) से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के पोर्टल तक शिकायत दर्ज कराई है। इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) के नेता राहुल राय ने बताया कि जब उजियारपुर के जेई (JE) को बार-बार कॉल किया जाता है, तो उनका रटा-रटाया और गैरजिम्मेदाराना जवाब होता है, “प्रोसेस में है, काम चल रहा है, नया ट्रांसफार्मर लग जाएगा।” लेकिन यह कब लगेगा, इसका कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया जाता। इसी लापरवाही के कारण जनता में भारी आक्रोश पनप रहा है।
घूसखोरी और 100 KVA की जगह 63 KVA का कबाड़ ट्रांसफार्मर लगाने का आरोप
भाकपा (माले) के प्रखंड सचिव गंगा प्रसाद पासवान और नेता राहुल राय ने बिजली विभाग पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि बिजली विभाग के गुर्गों ने गांव वालों से 3-3 सौ रुपये की वसूली की मांग की थी। बगल के बेलारी गांव के लोगों ने 300 रुपये प्रति घर चंदा करके दिया, तो वहां अच्छा ट्रांसफार्मर लगा दिया गया।
लेकिन मोरी डीह (वार्ड 4) के लोगों से पैसा नहीं मिलने पर बदले की भावना से वहां लगे 100 KVA के ट्रांसफार्मर की जगह एक पुराना और कबाड़ 63 KVA का ट्रांसफार्मर लगा दिया गया। यह ट्रांसफार्मर चालू होते ही चंद घंटों में ही फिर से जल गया। और जब मानव बल (लाइनमैन) को फोन किया गया, तो उसने टालमटोल करते हुए कहा, “अब इसको कल देखा जाएगा।”
कल सुबह तक का अल्टीमेटम, अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी
सरकार के 24 घंटे में ट्रांसफार्मर बदलने के दावों की पोल खोलते हुए, आक्रोशित ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है। देर रात सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों और नेताओं ने समस्तीपुर एसडीओ (SDO) और उजियारपुर जेई (JE) को सख्त अल्टीमेटम दिया है।
उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कल सुबह तक वार्ड संख्या 4 में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं की गई और अविलंब नया ट्रांसफार्मर नहीं लगाया गया, तो पूरे वार्ड के लोग उसी ट्रांसफार्मर के पास अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगे। राहुल राय ने साफ कहा कि “हम लोग चुप बैठने वाले नहीं हैं, अगर सुनवाई नहीं हुई तो कल से ही हमारा अनिश्चितकालीन प्रदर्शन शुरू हो जाएगा।



